
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ा – बांधों से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी
फर्रुखाबाद – उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब फर्रुखाबाद में साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए चेतावनी बिंदु को पार कर डेंजर लेवल से करीब 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे नदी किनारे बसे निचले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार, नरौरा बांध से 80,447 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 68,665 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बांधों से छोड़ा गया यह पानी अगले 24 से 48 घंटों में फर्रुखाबाद के गंगा तटवर्ती इलाकों में जलस्तर को और बढ़ा सकता है। तेज बहाव के चलते गंगा के किनारे बसे गांव – जसपुरा, नगला कमाल, मदारपुर, कमालगंज, गढ़िया अब्दुल्ला और नगला बेर – में पानी घुसने की आशंका है। इन इलाकों में रहने वाले परिवारों को प्रशासन ने सतर्क रहने और पशुधन व जरूरी सामान को ऊंचाई पर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग, जल पुलिस और राजस्व टीम लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। गंगा किनारे बनी बाढ़ चौकियों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और नावों के साथ बचाव दल तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे और खाद्यान्न व पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 8217554083





